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सुशासन तिहार 2026: 40 दिनों के 1286 शिविरों में मिले 6.43 लाख आवेदन, अधिकांश में योजनागत माँग

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Suyash Dwivedi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में 1 मई से 10 जून तक चले सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 40 दिनों की अवधि में कुल 1286 शिविर लगाए गए। इन शिविरों के माध्यम से शासन को 6.43 लाख आवेदन प्राप्त हुए। संकलित आँकड़ों के अनुसार इनमें शिकायतों की संख्या मात्र 26 हजार दर्ज की गई, जबकि शेष अधिकांश आवेदन विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ और माँगों से संबंधित रहे।

राजधानी रायपुर के नगर निगम क्षेत्र में सभी दस जोनों के तहत 11 मई से 5 जून के बीच जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन तय किया गया। इस क्रम की शुरुआत 11 मई को जोन-3 अंतर्गत शंकरनगर के सिंधु भवन से हुई। इसके उपरांत बूढ़ापारा इंडोर स्टेडियम, अश्वनी नगर, गुढ़ियारी, संजय नगर, जीई रोड स्थित शहीद स्मारक भवन, टाटीबंध, दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, गारमेंट फैक्ट्री परिसर और कमल विहार गेट के समीप स्थित देवपुरी धर्मशाला में तिथिवार शिविर रखे गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देशों के तहत ज़िला प्रशासन और नगरीय निकाय ने संयुक्त प्रबंध किए। नगर निगम के अनुसार पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मिले आवेदनों का समाधान अधिकतम एक माह के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया। सभी जोन कमिश्नरों को नोडल अधिकारी नियुक्त कर मौके पर राजस्व, विद्युत, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुधन और खाद्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ग्रामीण अंचलों में भी मैदानी अमला पहुँचा। खैरागढ़ ज़िले के कुकुरमुड़ा समेत कई क्षेत्रों में आयोजित 19 शिविरों में 20 हजार से अधिक आवेदन पहुँचे। ज़िला सहकारिता प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रेम कुमार पटेल के मुताबिक इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण, महतारी वंदन योजना और वन अधिकार पट्टा से जुड़े मामले प्रमुख थे।

बलरामपुर-रामानुजगंज ज़िले के बलरामपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत महाराजगंज में भी समाधान शिविर संपन्न हुआ। इसमें जरहाडीह, पुटसुरा, राधाकृष्णनगर, झलपी, सौनी, कोटपाली, भैंसामुड़ा, कृष्णनगर और सागरपुर के ग्रामीण शामिल हुए। बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने बताया कि पंचायत स्तर पर प्राप्त आवेदनों की पात्रता जाँचकर स्थानीय स्तर पर निस्तारण किया जा रहा है, जबकि राज्य स्तर के मामले शासन को भेजे जा रहे हैं। इस आयोजन में चार गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, शिशुओं का अन्नप्राशन और विकसित कृषि संकल्प रथ की रवानगी भी संपन्न हुई।

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