रायपुर में स्वीकृत नक्शे के उल्लंघन पर 1 हजार से अधिक भवनों को नगर निगम का नोटिस

रायपुर नगर निगम क्षेत्र में भवन अनुज्ञा की शर्तों का उल्लंघन कर बनाए जा रहे 1 हजार से अधिक मकानों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए हैं। नगर निवेशक शाखा के अनुसार पिछले दो महीनों के दौरान यह विधिक प्रक्रिया अपनाई गई है। जांच के दायरे में आई संपत्तियों में 70 प्रतिशत से अधिक आवासीय श्रेणी की हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 20 फीसदी भवनों का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
नगर निगम के तय नियमों के मुताबिक किसी भी क्षेत्र में निर्माण कार्य आरंभ होते ही संबंधित जोन के उप अभियंता को प्लिंथ स्तर पर जाकर स्थल का निरीक्षण करना आवश्यक होता है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि कोई व्यक्ति स्वीकृत नक्शे से हटकर ढांचा खड़ा कर रहा हो, तो उसे प्रारंभिक चरण में ही रोका जा सके। मैदानी स्तर पर शुरुआती जांच न होने के कारण लोग निर्माण पूरा कर लेते हैं और बाद में विभाग द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
हाल ही में जोन क्रमांक 8 के अंतर्गत पूरी तरह निर्मित 3 मकानों पर जेसीबी चलाकर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई थी। इसके अतिरिक्त जोन क्रमांक 6 में भी अनेक संपत्ति स्वामियों को चेतावनी पत्र प्रेषित किए गए हैं, जिसके बाद से विवाद की स्थिति निर्मित हुई है। नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार टाउन एंड प्लानिंग विभाग प्रतिवर्ष औसतन 4 हजार निर्माण अनुमतियाँ स्वीकृत करता है। इसके बावजूद तय मापदंडों से परे जाकर निर्माण करने और बिना अनुमति निर्माण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
नगर निवेशक आभास मिश्रा के अनुसार स्वीकृत अनुज्ञा की अवहेलना करने वाली एक हजार से अधिक संपत्तियों को नोटिस दिए गए हैं और आगामी दिनों में जोन की टीम इन पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि विधिक प्रक्रियाओं में समय लगता है और कई लोग नोटिस मिलने के बाद भी कार्य नहीं रोकते हैं। नगर निगम आयुक्त की ओर से सभी जोन आयुक्तों और कार्यपालन अभियंताओं को प्लिंथ स्तर पर जांच करने तथा उल्लंघन मिलने पर तत्काल वैधानिक कदम उठाने के अधिकार प्रदान किए गए हैं।