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44 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के खातों में पहुँचेंगे 29 करोड़ रुपये, श्रम विभाग की छह योजनाओं का लाभ एकसाथ

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mathias Reding / Pexels

छत्तीसगढ़ में श्रम विभाग की लगभग आधा दर्जन कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 44 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के बैंक खातों में 29 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी जाएगी। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने इस राशि के हस्तांतरण को स्वीकृति दी है और विभागीय तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि श्रम विभाग से संबद्ध योजनाओं का लाभ अधिकतम पात्र परिवारों तक पहुँचे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर यह DBT प्रक्रिया शुरू की गई है। बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर सीधे खाते में राशि भेजना इस व्यवस्था की प्रमुख विशेषता बताई जाती है, हालाँकि लाभ वास्तव में पात्र परिवारों तक पहुँचा या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

जनसंपर्क विभाग के Instagram पर उपलब्ध सामग्री के अनुसार श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन का कहना है कि श्रमिकों के हित में विभिन्न योजनाएँ संचालित हैं और भविष्य में इनका दायरा बढ़ाने के साथ-साथ अधिक संसाधन भी जुटाए जाएंगे। यह बयान सरकारी मंच पर दिया गया है, अतः इसे सरकारी दावे के रूप में ही लिया जाना चाहिए।

यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब असंगठित क्षेत्र के श्रमिक सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से सबसे कमज़ोर वर्ग में गिने जाते हैं। राज्य में श्रम विभाग की योजनाओं के समानांतर कुछ अन्य योजनाएँ भी चल रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत शासन के अनुसार अब तक छब्बीस किश्तों के ज़रिये 16,240 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं के खातों में सीधे भेजी जा चुकी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के संदर्भ में cmo.cg.gov.in पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले में 50 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। यह आँकड़ा राज्य सरकार का दावा है।

श्रम विभाग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि 44 हजार परिवारों में किन-किन विशिष्ट योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं और प्रति परिवार औसत राशि कितनी होगी। इन विवरणों के सार्वजनिक न होने से योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठता है।