शासन-प्रशासन

65 दिन में कलेक्टर बदले, EOW रिमांड और महानदी में शव — 10 जुलाई के प्रमुख घटनाक्रम

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: SR Raju / Pexels

छत्तीसगढ़ में 10 जुलाई 2026 को राज्य सरकार ने पाँच आईएएस अधिकारियों का तबादला किया। इनमें सबसे उल्लेखनीय मामला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर संतोष देवांगन का है, जिन्हें पद संभालने के केवल 65 दिन बाद हटा दिया गया। इतने अल्प कार्यकाल में कलेक्टर-स्तर के अधिकारी का स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टि से असामान्य माना जा रहा है।

शराब और कोल लेवी घोटाले की जाँच में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आरोपी रामगोपाल अग्रवाल को 17 जुलाई तक EOW की रिमांड में रखने का न्यायालयीन आदेश मिल गया है। दैनिक भास्कर के अनुसार उन पर यह आरोप है कि घोटाले से जुटाई गई राशि राजीव भवन पहुँचाई गई। इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस 11 जुलाई को प्रदर्शन करने की तैयारी में है।

कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर एक दुखद घटना सामने आई। दो दिनों से लापता एक बुजुर्ग का शव महानदी में बहता हुआ पाया गया। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर जाँच शुरू कर दी है, हालाँकि मृत्यु के कारण की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

कोंडागांव में पुलिस अधीक्षक ने एक बड़े ठगी के मामले का खुलासा किया। शिक्षकों को ऋण दिलाने का झाँसा देकर 10 से 12 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में अब तक पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह खुलासा 9 जुलाई को हुआ था और 10 जुलाई को इसकी व्यापक चर्चा रही।

सांस्कृतिक क्षेत्र में 12 जुलाई को शंकराचार्य का 84वाँ प्राकट्य महोत्सव आयोजित होने वाला है, जिसकी तैयारियाँ चल रही हैं। इसके अलावा 8 करोड़ रुपये से अधिक के सौंदर्यीकरण कार्यों से संबंधित एक खबर भी दिन के प्रमुख समाचारों में शामिल रही, लेकिन इससे जुड़े स्थान या विभाग का विस्तृत विवरण उपलब्ध स्रोतों में नहीं है।

10 जुलाई का दिन राज्य में प्रशासनिक बदलाव, घोटाले की न्यायिक प्रक्रिया और अपराध उद्घाटन — तीनों मोर्चों पर सक्रिय रहा। EOW की कार्रवाई और आईएएस तबादलों के निहितार्थ आने वाले दिनों में और स्पष्ट होंगे।