संपादकीय: पक्की छत, पक्का भरोसा — आवास योजना के मायने

एक पक्का मकान सिर्फ़ ईंट-गारे का ढाँचा नहीं होता; वह सुरक्षा, गरिमा और स्थायित्व का भरोसा होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्के घर मिलना इसी भरोसे की बहाली है।
बरसात में टपकती छत और मौसम की मार झेलते परिवारों के लिए यह बदलाव केवल आँकड़ों में नहीं, उनके दैनिक जीवन की गुणवत्ता में दिखता है।
परंतु योजना की असली कसौटी पात्रता-सूची की पारदर्शिता और लाभार्थी-चयन की निष्पक्षता है — यह सुनिश्चित करना कि सहायता वास्तव में सबसे ज़रूरतमंद परिवार तक पहुँचे, न कि प्रक्रिया की जटिलता में उलझकर रह जाए। आवास के साथ पेयजल, बिजली और आजीविका के अवसर भी जुड़ें, तभी "सबके लिए घर" का संकल्प पूर्णता पाता है।