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अमृत भारत स्टेशन योजना: प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित चार राज्यों में 22 स्टेशनों का किया लोकार्पण

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Gazal world / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत देश के बीस राज्यों में कुल पचहत्तर पुनर्विकसित रेलवे परिसरों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। पंजाब में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान उन्होंने चार राज्यों के बाइस स्टेशनों को जनता को समर्पित किया। इन लोकार्पित परिसरों में मध्य प्रदेश के तेरह, गुजरात के चार, छत्तीसगढ़ के तीन और झारखंड के दो रेलवे स्टेशन शामिल हैं। रेल मंत्रालय के अनुसार, पहले इन परिसरों में बुनियादी ढांचा ही उपलब्ध था, जिन्हें अब उन्नत भवन, लिफ्ट तथा फुट-ओवर-ब्रिज जैसी आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त किया गया है।

मध्य प्रदेश में जिन तेरह स्टेशनों का कायाकल्प हुआ है, उनमें अशोकनगर, बालाघाट, ब्यौहारी, भिंड, छिंदवाड़ा, हरपालपुर, जुन्नारदेव, एमसीएस छतरपुर, नैनपुर, सांची, शिवपुरी, टीकमगढ़ और विदिशा शामिल हैं। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के अधीन सांची, विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी परिसरों में स्थानीय संस्कृति तथा आधुनिक स्थापत्य का समन्वय किया गया है। टीकमगढ़ के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव मौजूद रहे, जबकि सांची में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, स्थानीय विधायक प्रभुराम चौधरी और भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा उपस्थित थे। अशोकनगर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी शामिल हुए। विदिशा में राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल और विधायक मुकेश टंडन तथा शिवपुरी में विधायक देवेंद्र कुमार जैन लोकार्पण समारोह में शरीक हुए।

गुजरात में इस परियोजना के तहत 109 करोड़ रुपये की लागत से तैयार चार स्टेशनों का ऑनलाइन उद्घाटन हुआ। इनमें प्रताप नगर, गोधरा, पोरबंदर और भक्तिनगर शामिल हैं। वडोदरा मंडल के प्रताप नगर स्टेशन पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शिरकत की। इन नए परिसरों के जुड़ने के साथ गुजरात में ऐसे विकसित स्टेशनों की कुल तादाद बाइस हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, ‘विरासत भी, विकास भी’ की अवधारणा पर आधारित इस पुनर्विकास से क्षेत्रीय पर्यटन, व्यापार और सामाजिक-आर्थिक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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