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महासमुंद में खाद्य विभाग की कार्रवाई, 300 किलो नकली पनीर नष्ट कर फैक्ट्री सील

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Iamg / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले में खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने अमानक पनीर मिलने पर एक उत्पादन इकाई को सील कर दिया है। इसके साथ ही मौके से बरामद लगभग 300 किलो नकली पनीर को ज़मीन में दफनाकर नष्ट किया गया।

प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई भालेसर क्षेत्र में करीब तीन एकड़ में संचालित वैद्य फूड प्रोडक्ट्स के प्लांट पर की गई। शिकायत मिलने के उपरांत खाद्य विभाग की टीम ने 17 अगस्त की देर रात इकाई में दबिश दी थी। जांच दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल शामिल थे। निरीक्षण के दौरान वहां मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी 10 से 12 कारीगर कार्यरत मिले और लगभग 300 किलो पनीर बरामद हुआ।

अधिकारियों ने सामग्री की शुद्धता पर संदेह होने पर पनीर का एक किलो नमूना जांच हेतु रायपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा था। प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट में नमूना अमानक पाया गया और इसे प्रतिबंधित एनालॉग पनीर घोषित किया गया। जांच में सामने आया कि यह इकाई करीब एक वर्ष से संचालित हो रही थी और यहां तैयार माल रायपुर समेत ओडिशा तक भेजा जा रहा था। इस इकाई का संचालन कानपुर निवासी शोभित सिंह द्वारा किया जा रहा था।

रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद गुरुवार शाम खाद्य विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस बल की मौजूदगी में गड्ढा खुदवाकर पूरे अमानक माल को नष्ट करवाया गया। इसके पश्चात उत्पादन इकाई पर नियमानुसार ताला लगाकर सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।

विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्य भर में मिलावटी खाद्य पदार्थों और अमानक सामग्रियों के विरुद्ध 17 अगस्त से 23 अगस्त तक सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों, होटलों और निर्माण इकाइयों से नमूने एकत्र कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

इधर महासमुंद प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कामकाज की समीक्षा की। जनसंपर्क विभाग के अनुसार उप मुख्यमंत्री ने ज़िला स्तरीय व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।

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