सूरजपुर: कृषक उन्नति योजना में लाभ पाने के लिए 31 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन

छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, सूरजपुर ज़िले के किसानों को कृषक उन्नति योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए 31 अक्टूबर तक अपना पंजीयन कराना होगा। राज्य शासन द्वारा चलाई जा रही इस योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना और कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
विभागीय संदर्भों के मुताबिक, खरीफ फसलों के उपार्जन चक्र को सुचारू बनाने के लिए यह व्यवस्था तय की गई है। राजधानी रायपुर से जारी शासकीय सूचनाओं में भी समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का की खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन हेतु 31 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है। इसके अलावा, सहकारी समिति स्तर पर भी धान विक्रय की पात्रता सुनिश्चित करने के लिए यही अंतिम तिथि तय की गई है।
योजना के अंतर्गत फसल विविधीकरण को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। जनसंपर्क विभाग के अनुसार, पारंपरिक धान के बदले अन्य फसलों अथवा दलहन और तिलहन की खेती अपनाने वाले किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता राशि दी जाती है। शासन का दावा है कि इस प्रोत्साहन से कृषि विविधीकरण को गति मिलेगी और काश्तकारों की आमदनी में सुधार होगा। अन्य ज़िलों में भी इस प्रावधान के तहत कृषकों से 31 अक्टूबर तक आवेदन मांगे गए हैं।
शासकीय व्यवस्था के तहत कृषक कल्याण की योजनाओं का भुगतान सीधे लाभ अंतरण यानी डीबीटी के जरिए बैंक खातों में भेजा जाता है। इसके लिए किसानों के बैंक खातों का आधार और संबंधित भू-अभिलेखों से अद्यतन होना आवश्यक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक प्रदेश के लगभग 25.52 लाख किसानों को इस योजना के तहत डीबीटी के जरिए 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।
प्रशासन ने सूरजपुर सहित सभी संबंधित क्षेत्रों के किसानों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर लें। समय पर पंजीयन कराने से उपार्जन सत्र के दौरान सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।