शासन-प्रशासन

कोरबा में हाथी के हमले से एक की मौत, रायगढ़ में फसल-मकान तबाह; बस्तर में 108 नक्सलियों का आत्मसमर्पण

कोरबा ज़िले में एक नर हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। इसी दौरान रायगढ़ में हाथियों के दलों ने ग्रामीण बस्तियों में घुसकर खड़ी फसलें और कई मकान बर्बाद कर दिए। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इन दोनों घटनाओं की पुष्टि की है। फसल और संपत्ति के नुकसान से प्रभावित परिवारों की आजीविका सीधे तौर पर संकट में आ गई है।

बस्तर में सुरक्षा बलों के लिए उल्लेखनीय सफलता सामने आई। कुल 108 नक्सलियों ने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण किया। इन पर संयुक्त रूप से ₹3.95 करोड़ का इनाम घोषित था और इनके पास से हथियार भी बरामद किए गए। हालाँकि उसी क्षेत्र में खदान-निरोधी अभियान के दौरान एक आईईडी विस्फोट में तीन डीआरजी कर्मी मारे गए और एक घायल हुआ — यह घटना बस्तर में जमीनी चुनौतियों की गंभीरता को रेखांकित करती है।

दुर्ग ज़िले में एक सिलेंडर विस्फोट से भड़की आग में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। यह हादसा घरेलू गैस सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

राज्य सरकार के मोर्चे पर छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026' को मंजूरी दी है। शासन का दावा है कि इससे निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अतिरिक्त, सरकार ने महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण कराने पर पचास प्रतिशत की छूट देने की घोषणा भी की है। अधिकारियों के अनुसार यह कदम महिलाओं को संपत्ति अधिकारों में सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

जाँजगीर ज़िले में एक पंद्रह वर्षीय किशोर की तरबूज खाने के बाद मृत्यु हो गई और तीन अन्य बच्चे भी बीमार पड़ गए। यह घटना उसी श्रेणी की है जो हाल ही में मुंबई में भी सामने आई थी।

इन तमाम घटनाओं को एक साथ देखें तो स्पष्ट होता है कि राज्य प्रशासन को वन्यजीव प्रबंधन, नक्सल सुरक्षा और नागरिक आपदा राहत — तीनों मोर्चों पर एक साथ दबाव झेलना पड़ रहा है।