चुनौतियों और चोटों के बीच एशियाई खेलों की तैयारी में जुटे भारत के सबसे तेज़ धावक

10.1 सेकंड की सीमा लांघने के बाद से भारत के सबसे तेज़ धावक के लिए पिछले कुछ महीने बेहद कठिन रहे हैं। इस दौरान उन्होंने चोटों, समय और उठते सवालों से जूझते हुए परिपक्वता दिखाई है। आगामी एशियाई खेलों से पहले वे अपनी दौड़ और जीवन पर दोबारा पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के लिए संकल्पबद्ध हैं। विपरीत परिस्थितियों के बीच उनका पूरा ध्यान अपने प्रदर्शन को सुधारने पर केंद्रित है।