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छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के गठन का प्रस्ताव विधानसभा में जल्द, एक परीक्षा से भरे जाएंगे तृतीय-चतुर्थ श्रेणी के पद

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Wikiuser829 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में सरकारी भर्ती की पूरी संरचना बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के गठन का प्रस्ताव जल्द ही विधानसभा के समक्ष रखा जा सकता है। प्रस्ताव पारित होते ही प्रदेश में संयुक्त परीक्षा प्रणाली औपचारिक रूप लेगी।

प्रस्तावित ढाँचे के अनुसार पटवारी, शिक्षक और सब-इंजीनियर सहित तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के विभिन्न पदों की भर्ती अब इसी मंडल के माध्यम से होगी। पदों को सात समूहों में वर्गीकृत किया गया है, जिससे एकल परीक्षा के आधार पर अनेक विभागों में चयन संभव होगा। चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं कक्षा उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। सूत्रों के मुताबिक इस व्यवस्था से अभ्यर्थियों को अलग-अलग विभागों में बार-बार आवेदन करने और अलग परीक्षा शुल्क चुकाने से राहत मिलने का दावा किया जा रहा है, हालाँकि यह तभी लागू होगा जब विधानसभा प्रस्ताव को स्वीकृति दे।

शिक्षक भर्ती के मोर्चे पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया केंद्रीयकृत परीक्षा पर आधारित रहेगी। सूत्रों के अनुसार इस शिक्षक भर्ती परीक्षा की संभावित तिथि 11 अक्टूबर 2026 बताई जा रही है। आवेदन CG Vyapam की वेबसाइट पर ऑनलाइन भरे जाएंगे। प्रत्येक परीक्षा 100 अंकों की होगी और उसके लिए दो घंटे बीस मिनट का समय तय किया गया है। उल्लेखनीय है कि ये सभी विवरण अभी संभावित और अनौपचारिक स्तर पर हैं — कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

इसी बीच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC भी करीब दस वर्षों के अंतराल के बाद अपना पाठ्यक्रम संशोधित करने की प्रक्रिया में है। आयोग ने अभ्यर्थियों से ऑनलाइन लॉगिन कर अपना फीडबैक देने को कहा है।

तीनों घटनाक्रम — कर्मचारी चयन मंडल का प्रस्तावित गठन, शिक्षक भर्ती की केंद्रीयकृत परीक्षा और CGPSC के पाठ्यक्रम में बदलाव — मिलकर प्रदेश की भर्ती प्रणाली का व्यापक पुनर्गठन संकेत देते हैं। फिलहाल कर्मचारी चयन मंडल का अस्तित्व विधानसभा की स्वीकृति पर निर्भर है और उससे पहले यह केवल प्रस्ताव की स्थिति में है।