छत्तीसगढ़ के 22 ज़िलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, बीजापुर में सर्वाधिक 72 मिमी वर्षा

छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून सक्रियता बढ़ने के बाद मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने राज्य के 22 ज़िलों में वर्षा, मेघगर्जन और गाज गिरने की आशंका जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 8 ज़िलों में ऑरेंज अलर्ट जबकि 14 ज़िलों में येलो अलर्ट प्रभावी किया गया है। मौसमी गतिविधियों में तेजी आने से राज्य भर में पारा नीचे गिरा है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
मौसम केंद्र के मुताबिक सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर तथा गरियाबंद ज़िलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। वहीं धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ व गरज-चमक के साथ येलो अलर्ट लागू किया गया है।
बीते 24 घंटों के दौरान दर्ज वर्षा आंकड़ों में बीजापुर सबसे आगे रहा, जहां 72 मिलीमीटर पानी बरसा। रायपुर में 64.3 मिमी, दुर्ग में 42.2 मिमी, राजनांदगांव में 23 मिमी, जांजगीर-चांपा में 18 मिमी और बालोद में 16.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अतिरिक्त मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सरगुजा, कोरबा, मुंगेली, कबीरधाम तथा बलौदाबाजार-भाटापारा सहित अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम फुहारें गिरी हैं।
वर्षा के चलते तापमान में व्यापक कमी आई है। बारिश के बाद राजनांदगांव में रात का न्यूनतम पारा 20.2 डिग्री तथा अधिकतम 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दुर्ग में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे एक दिन पूर्व बिलासपुर 41.7 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी रेखा की स्थिति के प्रभाव से राज्य में आगामी समय में भी वर्षा की स्थितियां अनुकूल बनी रहेंगी।