योजना

छत्तीसगढ़ के चार शहरों में 240 ई-बसों के संचालन हेतु 12 वर्ष का अनुबंध, रायपुर डिपो का काम पिछड़ा

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mananjpatel1996 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख नगरीय निकायों में पीएम ई-बस सेवा के तहत 240 पर्यावरण अनुकूल गाड़ियों के संचालन के लिए बारह वर्ष की अवधि का रियायत अनुबंध हुआ है। जनसंपर्क विभाग और आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में इस समझौते पर दस्तखत किए गए। इस दौरान नगरीय निकायों में चलने वाली गाड़ियों के विशेष रंग और कट-आउट भी जारी किए गए। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता सुनील सिंह, राज्य शहरी विकास अभिकरण के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि, रायपुर की महापौर मीनल चौबे तथा आठ नगर निगमों के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

योजना के आवंटन विवरण के मुताबिक रायपुर नगर निगम को 100 गाड़ियाँ मिलेंगी, जबकि दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर को 50-50 गाड़ियाँ दी जाएँगी। कोरबा क्षेत्र के लिए 40 बसों का आवंटन तय हुआ है। इन वाहनों में 9 मीटर लंबाई वाली 205 मध्यम गाड़ियाँ तथा 7 मीटर लंबाई वाली 35 छोटी गाड़ियाँ शामिल हैं। संचालन व्यवस्था के लिए कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड द्वारा संचालित राष्ट्रीय स्तर की खुली बोली के माध्यम से सीएसएल मोबिलिटी आई प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है।

वित्तीय शर्तों के तहत 9 मीटर वाली गाड़ी के लिए 62.02 रुपये प्रति किलोमीटर और 7 मीटर वाली गाड़ी के लिए 61.75 रुपये प्रति किलोमीटर का परिचालन शुल्क निर्धारित हुआ है। केंद्र शासन द्वारा 9 मीटर की गाड़ी हेतु 22 रुपये प्रति किलोमीटर और 7 मीटर की गाड़ी हेतु 20 रुपये प्रति किलोमीटर की वित्तीय सहायता 10 वर्ष अथवा मार्च 2037 तक उपलब्ध कराई जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट में डिपो अवसंरचना और विद्युत तंत्र के निर्माण पर 64.02 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें केंद्र का हिस्सा 50.55 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार संबंधित नगरीय निकाय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से स्वीकृत मार्गों के लिए परमिट हासिल करने की औपचारिकताएँ पूरी करेंगे। मार्गों का चयन स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों की कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर किया गया है। डिपो निर्माण की प्रगति रिपोर्ट दर्शाती है कि दुर्ग-भिलाई में नब्बे प्रतिशत, जबकि बिलासपुर व कोरबा में अस्सी प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। रायपुर के जरवाय डिपो का सिविल कार्य केवल चालीस प्रतिशत तक पहुँच सका है। जरवाय डिपो को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है। रायपुर में सुस्त निर्माण के कारण इस वर्ष बस परिचालन शुरू होने पर संशय बना हुआ है।

स्रोत