छत्तीसगढ़: धान खरीदी में ऑफलाइन टोकन की पाबंदी हटी, एग्री स्टैक पंजीयन की अंतिम तिथि 15 जनवरी तय

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान आ रही तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए शासन ने समितियों में ऑफलाइन टोकन काटने की दैनिक सीमा समाप्त कर दी है। इस व्यवस्था के लागू होने से किसान सीधे उपार्जन केंद्रों पर पहुंचकर भौतिक पर्ची प्राप्त कर रहे हैं। इससे पूर्व दैनिक स्लॉट सीमित होने के कारण ऑनलाइन टोकन तुरंत समाप्त हो जाते थे, जिससे केंद्रों पर पहुंचे कृषकों को बिना उपज बेचे वापस लौटना पड़ता था।
राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत 15 नवंबर से धान उपार्जन जारी है, जो 31 जनवरी 2026 तक संचालित होना तय किया गया है। चालू सत्र के लिए सामान्य धान का समर्थन मूल्य लगभग 2369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का दर लगभग 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। कुल उपार्जन का आधे से अधिक कार्य पूरा होने के बावजूद डिजिटल प्रक्रिया के कारण वृद्ध और स्मार्टफोन से अनभिज्ञ किसानों को भारी असुविधा हो रही थी।
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा स्थानीय स्तर पर स्लॉट बढ़ाने और शासन से समन्वय स्थापित करने के बाद यह नई व्यवस्था पूरे प्रदेश के केंद्रों में प्रभावी कर दी गई है। सरगुजा जिले के सीतापुर धान खरीदी केंद्र सहित विभिन्न प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में ऑफलाइन टोकन जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उपार्जन केंद्रों की संख्या और स्थान का निर्धारण संबंधित जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है।
टोकन व्यवस्था में छूट के साथ ही शासन ने एग्री स्टैक में कैरी फॉरवर्ड की समस्या से जूझ रहे किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 जनवरी कर दी है। हालांकि, वन अधिकार पत्र धारक किसानों की उपज समिति में नहीं बिक पाने का मुद्दा अब भी बना हुआ है और इस दिशा में कोई ठोस शासकीय निर्णय नहीं लिया जा सका है। टोकन अनिवार्यता हटने और एग्री स्टैक की अवधि बढ़ने से किसानों तथा समिति प्रबंधकों को प्रक्रिया संचालन में सुविधा मिली है।