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छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय ने गौधाम योजना का शुभारंभ किया, 29 गौधामों का लोकार्पण; प्रदेश में 1460 गौधाम बनाने का लक्ष्य

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Bhartenndu Dave / Pexels

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम और गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रेक्षागार से गौधाम योजना का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित 29 गौधामों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, ग्राम लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में यह गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती हो रही है। इस गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति कर रही है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में 'श्याम-श्यामा गौशाला, देवीगंज' का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। दुर्ग जिले में चार गौधामों का लोकार्पण हुआ।

शासन के अनुसार इस योजना का उद्देश्य निराश्रित एवं घुमंतू गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित आश्रय देना और वैज्ञानिक पद्धति से उनका प्रबंधन सुनिश्चित करना है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पूरे प्रदेश में कुल 1460 गौधाम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, साय ने कार्यक्रम में कहा कि गौवंश ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है और योजना के अंतर्गत किसानों तथा पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन का प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू किए जाएंगे। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार निराश्रित पशुओं की देखभाल के प्रति प्रतिबद्ध है और गौधामों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को रखकर उनके लिए चारा-पानी और चिकित्सा की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव के अनुसार योजना से आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थान मिलने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। गौधाम योजना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद भी सामने आया है।