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छत्तीसगढ़ में कम वर्षा और तापमान वृद्धि से धान उत्पादक परेशान, सूरजपुर में कराई गई मेंढक-मेंढकी की शादी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Jacob / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

छत्तीसगढ़ के कृषि प्रधान अंचलों में वर्षा का दौर थमने तथा मॉनसून ब्रेक की स्थिति बनने से काश्तकारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण धान की खड़ी फसल पीली पड़ने लगी है। इस मौसमी बदलाव के चलते राज्य भर के किसान भारी चिंता में घिरे हैं और खरीफ उत्पादन को लेकर संशय की स्थिति निर्मित हो रही है।

इधर सूरजपुर इलाके में भी बादलों की लगातार बेरुखी देखी जा रही है। वहाँ लगातार चढ़ते तापमान और वर्षा के अभाव ने अन्नदाताओं के माथे पर गहरी लकीरें खींच दी हैं। खेतों को आवश्यकतानुसार पानी नहीं मिलने से पौधों की स्थिति प्रभावित हो रही है, जिससे काश्तकारों में बेचैनी का माहौल बना हुआ है।

वर्षा की लंबी प्रतीक्षा के बीच सूरजपुर में ग्रामीणों ने पारंपरिक उपायों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना को लेकर वहाँ के निवासियों ने विधिवत मेंढक और मेंढकी के विवाह का आयोजन किया। ग्रामीण परंपरा और जनआस्था के अनुसार जल देवता को रिझाने के लिए इस तरह के वैवाहिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाते हैं।

दूसरी ओर मौसम विभाग की ओर से मॉनसून की विदाई से पहले मौसमी हलचल को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों के किसान टकटकी बांधे आकाश की ओर देख रहे हैं। मौसम में जल्द अनुकूल बदलाव न आने पर काश्तकारों को उपज में नुकसान की आशंका सता रही है।

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