छत्तीसगढ़ में तीन वर्षों में 437 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जित, 15 नवंबर से शुरू होगा नया सत्र

छत्तीसगढ़ में पिछले तीन विपणन सत्रों के दौरान लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। राज्य प्रशासन के आँकड़ों के मुताबिक, इस खरीद के एवज में काश्तकारों को 1.40 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि अंतरित की गई है। आगामी खरीफ सत्र 2026-27 के लिए धान की सरकारी खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ की जाएगी। इस वर्ष 27.50 लाख से अधिक पंजीकृत काश्तकारों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान लेने का लक्ष्य तय हुआ है। पारदर्शी व्यवस्था के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल फसल पड़ताल को लागू करते हुए उपार्जन केंद्रों की तादाद बढ़ाकर 3100 कर दी गई है।
आधिकारिक विवरण के अनुसार, खरीफ 2023-24 में 144.92 लाख मीट्रिक टन, 2024-25 में 149.25 लाख मीट्रिक टन तथा वर्ष 2025-26 में लगभग 142 लाख मीट्रिक टन फसल खरीदी गई थी। कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से 2025 के मध्य 25.52 लाख हितग्राहियों को 35,904.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। धान के इतर अन्य फसलों की खेती चुनने वालों के लिए प्रति एकड़ अनुदान 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि से राज्य के कृषकों को अब तक 12,267.39 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है।
तकनीकी सुधारों के क्रम में एग्रीस्टैक प्रणाली से 19,751 गाँवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी करते हुए 43 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन दर्ज हुआ है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 46,615 हेक्टेयर रकबे में सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार किया गया, जिसमें 201.07 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया। इसके अलावा, 2024-25 से अब तक 8,567 कृषि यंत्र बाँटे गए और 678 फार्म मशीनरी बैंक खड़े किए गए हैं।
शासन के अनुसार, 29 ज़िलों के 273 केंद्रों में दलहन-तिलहन फसलों की खरीद कर 219.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2025-26 के दोनों सत्रों में 16.70 लाख से अधिक बीमितों में से 1,40,730 प्रभावितों को 292.43 करोड़ रुपये के क्लेम निपटाए गए। वहीं, खरीफ 2026 के लिए 18.02 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। राज्य के कुल 40 लाख किसान परिवारों में 82 प्रतिशत हिस्सेदारी छोटे और सीमांत वर्ग की है।