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छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11 लाख से अधिक मकान निर्मित, उपमुख्यमंत्री ने दी जानकारी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Rajesh Tripathi / Wikimedia Commons (CC BY 3.0)

छत्तीसगढ़ में नई सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने भी इन आंकड़ों की पुष्टि कर दी है।

संसद में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा पिछले पाँच वर्षों के दौरान हुए आवास निर्माण को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिपोर्ट से राज्य के कार्य स्पष्ट हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आवास के आंकड़ों को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

जनसंपर्क विभाग और आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की पहली बैठक में 18 लाख मकानों की स्वीकृति का फैसला लिया गया था। इसके बाद निर्माण कार्यों में तेजी आई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में दस माह चार दिन के भीतर सर्वाधिक 5 लाख आवास पूरे किए गए, जिसमें प्रतिदिन औसतन 1,600 से अधिक घरों का निर्माण हुआ।

ज़िलावार प्रगति के संदर्भ में विभागीय आंकड़ों के मुताबिक बिलासपुर ज़िले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 और रायगढ़ ज़िले में 26 हजार 707 मकान तैयार किए गए। इसके अलावा मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली तथा जैजैपुर जनपद पंचायतों में भी 7,500 से अधिक मकानों का निर्माण कराया गया।

शासन के अनुसार, आवास निर्माण के साथ ही हितग्राहियों के आर्थिक स्वावलंबन पर भी काम किया गया। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से कर्ज लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य संभाला, जिससे 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ बनीं। इसके साथ ही आरसेटी केंद्रों के जरिए 6,000 से ज्यादा लोगों को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ और 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल रहे।

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