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सुकमा में बाढ़ से नुकसान के त्वरित आकलन के निर्देश, 300 प्रभावित परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mananjpatel1996 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा ज़िले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को मकानों, मवेशियों तथा फसलों को पहुंचे नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित लोगों को शीघ्र मुआवजा वितरित किया जा सके।

मुख्यमंत्री के अनुसार, बीते तीन-चार दिनों के दौरान लगातार हुई भारी बारिश से साबरी नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया। इसके चलते नदी के तटवर्ती ग्रामीण इलाकों के साथ कोंटा नगर पालिका परिषद के चार वार्ड जलमग्न हो गए। ज़िला प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 3,000 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए 19 राहत शिविरों में ठहराया गया है, जहां उनके लिए भोजन तथा स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त मकानों की स्थिति देखी और शिविरों में मौजूद नागरिकों से संवाद किया। प्रशासनिक समीक्षा के उपरांत उन्होंने घोषणा की कि बाढ़ में घरेलू सामान गंवाने वाले लगभग 300 परिवारों को संबल प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10,000 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलभराव से उत्पन्न हर प्रकार की हानि का विस्तृत ब्योरा तैयार किया जाए ताकि राज्य शासन स्तर से तय मानकों के आधार पर सहायता राशि प्रदान की जा सके।

इसके अतिरिक्त डोंगाघाट क्षेत्र में इंद्रावती नदी के उत्तरी किनारे पर स्थित कच्ची झोपड़ियों में जलभराव के बीच फंसे लोगों के लिए बचाव अभियान संचालित किया गया। रक्षा मंत्रालय की जानकारी के अनुसार भारतीय वायुसेना की सेंट्रल एयर कमांड की टीम ने वहां फंसे नागरिकों को निकालने के लिए त्वरित कार्रवाई की। तेज जलप्रवाह के बीच एक गरुड़ कमांडो की सहायता से कच्ची छत पर मौजूद महिलाओं और बच्चों सहित 12 लोगों को सुरक्षित रूप से एयरलिफ्ट कर बाहर निकाला गया।

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