थोक मंडियों में शक्कर के दाम घटे, खुदरा बाज़ार में राहत का इंतज़ार

थोक मंडियों में शक्कर के दामों में नरमी दर्ज की गई है, हालांकि फुटकर स्तर पर आम उपभोक्ताओं को इसका पूरा फायदा मिलने में अभी थोड़ा समय लगेगा। थोक भाव कम होने के बावजूद खुदरा बाज़ार में दरों में तत्काल कमी नहीं आ सकी है।
व्यापारियों के अनुसार खुदरा विक्रेताओं के पास पहले से ऊँचे भाव पर खरीदा गया पुराना माल उपलब्ध है। इस कारण से खुदरा विक्रय केंद्रों पर नई दरों के लागू होने में दो से तीन दिन का वक्त लग सकता है। खुदरा दुकानों में कम कीमत वाली नई खेप पहुँचने के बाद ही उपभोक्ताओं को दरों में वास्तविक राहत मिल सकेगी।
कारोबारियों का मानना है कि थोक स्तर पर भाव कम होने से बाज़ार में माल की आवक सामान्य होगी, जिससे दैनिक उठान में भी तेज़ी आने की उम्मीद है। बाज़ार में सट्टेबाज़ी और जमाखोरी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के मकसद से प्रशासनिक स्तर पर निगरानी कड़ी की गई है।
शासन द्वारा तय नियमों के तहत थोक एवं खुदरा व्यापारियों के लिए अपने भंडार की आधिकारिक जानकारी देना आवश्यक किया गया है, ताकि कृत्रिम किल्लत पैदा कर दरें बढ़ाने के प्रयासों पर अंकुश लगाया जा सके। प्रशासनिक टीमें विभिन्न क्षेत्रों में शक्कर की उपलब्धता, भंडारण की स्थिति और बिक्री दरों की लगातार समीक्षा कर रही हैं।
व्यापारियों का कहना है कि यदि बाज़ार में माल की आपूर्ति नियमित बनी रही, तो आगामी दिनों में खुदरा दुकानों पर मूल्य कम हो जाएँगे और उपभोक्ताओं को राहत प्राप्त होगी।