योजनारायपुर

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों के लिए अल्पावधि ऋण की व्यवस्था, महंगे ब्याज से मिलेगी राहत

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Abhi91m / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों को अप्रत्याशित आर्थिक संकट के समय राहत पहुंचाने के लिए राज्य शासन ने अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने की एक विशेष व्यवस्था शुरू की है। जनसंपर्क विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस कदम का प्रमुख ध्येय कर्मचारियों को आकस्मिक आवश्यकताओं के समय भारी ब्याज पर कर्ज लेने की विवशता से बचाना है। शासन के अनुसार, इस पहल से राज्य के सरकारी कर्मियों को आपात स्थिति में समय पर सुरक्षित वित्तीय संबल मिल सकेगा, जिससे उन्हें बाहरी स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

जनसंपर्क विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर यह व्यवस्था कर्मचारियों के समग्र कल्याण, वित्तीय संतुलन और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई है। सेवाकाल के दौरान कई बार कर्मचारियों के सामने अचानक घरेलू जरूरतें, पारिवारिक जिम्मेदारियां या गंभीर स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन खर्च सामने आ जाते हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में संस्थागत वित्तीय मदद की अनुपलब्धता के कारण कर्मियों को निजी साहूकारों और अनौपचारिक स्रोतों की शरण लेनी पड़ती थी, जहां उनसे अत्यधिक ब्याज वसूला जाता था। इस महंगे कर्ज के चलते कर्मचारियों को लंबे समय तक आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता था।

विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत कर्मियों को आपातकालीन जरूरतों के लिए घर बैठे ही अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे कर्मचारियों को किसी कठिन प्रक्रिया या अनावश्यक भागदौड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। शासन का दावा है कि बिना किसी अनुचित ब्याज भार के मिलने वाला यह ऋण कर्मचारियों को तात्कालिक संकटों से तत्काल उबारने में सहायक होगा। इस तरह कर्मियों को समय पर आर्थिक मदद मिलने से उनकी कार्यक्षमता और पारिवारिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

राज्य शासन का कहना है कि यह अभिनव कदम शासकीय सेवकों को वित्तीय रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। शासन के अनुसार, कर्मचारियों के स्वाभिमान और आर्थिक सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह व्यवस्था तैयार की गई है, जिससे वे बिना किसी वित्तीय चिंता के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

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