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संशोधित भारतनेट: छत्तीसगढ़ में ब्रॉडबैंड विस्तार के लिए केंद्र ने दी 3,942 करोड़ रुपये की मंजूरी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Abhi91m / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के अंतर्गत 3,942 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। इस परियोजना के माध्यम से प्रदेश की कुल 11,682 ग्राम पंचायतों को उच्च गति ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। साथ ही मांग के अनुसार 8,328 अतिरिक्त गांवों को भी ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

इस संबंध में नई दिल्ली स्थित संचार भवन में एक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध दूरसंचार विभाग की डिजिटल भारत निधि, छत्तीसगढ़ शासन, छत्तीसगढ़ स्टेट भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, भारत संचार निगम लिमिटेड और छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्यामल मिश्रा, छत्तीसगढ़ के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव अंकित आनंद, प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल, बीएसएनएल के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस) पापा सुधाकरा राव तथा दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक दिनेश कुमार गर्ग उपस्थित रहे।

मंत्रालय के अनुसार, योजना के तहत पहले चरण की 4,048 ग्राम पंचायतों के रैखिक नेटवर्क को रिंग टोपोलॉजी में बदला जाएगा, ताकि तकनीकी बाधा के बिना निर्बाध संपर्क बना रहे। इसके अलावा दूसरे चरण की 5,964 ग्राम पंचायतों और 1,670 नवगठित ग्राम पंचायतों को भी सीधे भारतनेट संरचना से जोड़ा जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को 4 अगस्त 2023 को मंजूरी दी थी।

अधिकारियों के अनुसार, इस बुनियादी ढांचे के पूर्ण होने पर राज्य के ग्रामीण इलाकों में 3 लाख से अधिक घरों तक फाइबर आधारित इंटरनेट कनेक्शन पहुंचने की संभावना है। सरकार का कहना है कि नेटवर्क के विस्तार से दूरदराज के क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल वित्तीय सेवाओं जैसी नागरिक केंद्रित सुविधाओं की पहुंच आसान होगी। डिजिटल भारत निधि के तहत देश के सेवा-वंचित, आकांक्षी और दूरस्थ अंचलों में दूरसंचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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