अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ में 'सुशासन तिहार 2025' शुरू: तीन चरणों में 31 मई तक चलेगा जनसमस्या निवारण अभियान

छत्तीसगढ़ सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को राज्यव्यापी सुशासन तिहार 2025 की शुरुआत की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में चलने वाला यह अभियान तीन चरणों में विभाजित है और 31 मई 2025 तक जारी रहेगा।
शासन के अनुसार, पहले चरण में 8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायत कार्यालयों और नगरीय निकायों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। इस दौरान पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। समाधान बॉक्स ग्राम पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों के साथ-साथ विकासखंड तथा जिला मुख्यालयों में भी रखे गए हैं। ऑनलाइन पोर्टल और कॉमन सर्विस सेंटर के जरिये भी आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त आवेदनों को सॉफ्टवेयर में दर्ज कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा और अधिकांश मामलों का निराकरण एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नागरिकों को उनके आवेदनों की स्थिति से अवगत कराया जाएगा और जहाँ तक संभव हो, समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में भी आवश्यकतानुसार शिविर लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अभियान का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। शासन के अनुसार, आवेदनों के निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा राज्य तथा जिला, दोनों स्तरों पर की जाएगी। समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी और हितग्राही-उन्मुख योजनाओं के आवेदन पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि 2025 के इस अभियान की सफलता के आधार पर छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन तिहार 2026 की भी योजना बनाई है। शासन के अनुसार, 2026 संस्करण 41 दिनों का होगा और उसके अंतर्गत 1 मई से 10 जून 2026 तक ग्रामीण व नगरीय दोनों क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। उसमें ग्रामीण शिविर 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह के आधार पर और नगरीय शिविर वार्डवार आयोजित करने की योजना है। इसके अलावा, 2026 कार्यक्रम के तहत 114 नगरीय निकायों में चरणबद्ध रूप से 2,035 वार्ड कार्यालय खोले जाने और 200 सूक्ष्म खाद केंद्र बनाए जाने की घोषणा भी अधिकारियों द्वारा की गई है।