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छत्तीसगढ़ विधानसभा में 1.72 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्तुत

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Wikiuser829 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया गया। राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में यह बजट ‘संकल्प’ थीम पर पेश किया। आधिकारिक विवरण के अनुसार, राज्य निर्माण के समय करीब पांच हजार करोड़ रुपये के बजट की तुलना में यह आकार लगभग 35 गुना बढ़ चुका है।

प्रशासनिक विवरण के मुताबिक, बजट में बस्तर और सरगुजा संभागों के लिए कई विशेष प्रावधान किए गए हैं। बस्तर ओलंपिक की तरह सरगुजा ओलंपिक के आयोजन के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये रखे गए हैं। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बस्तर एवं सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़ रुपये और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।

आदिवासी क्षेत्रों के अन्य प्रावधानों में बैगा एवं पुजारियों की प्रोत्साहन राशि हेतु 3 करोड़ रुपये, पशुपालन गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये तथा अतिरिक्त पोषण सहायता मद में 15 करोड़ रुपये शामिल हैं। सुरक्षा और कनेक्टिविटी के तहत 1,500 बस्तर फाइटर्स पदों के सृजन और बस्तर नेट परियोजना हेतु 5 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। पर्यटन विकास के अंतर्गत मैनपाट के लिए 5 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

शासन ने विकास कार्यों को गति देने के लिए पांच प्रमुख मिशन तय किए हैं। इनमें मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं एनआईपीयूएन मिशन शामिल हैं।

चिकित्सा क्षेत्र के विस्तार हेतु दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की गई है। रायपुर में एक होम्योपैथी कॉलेज खोला जाएगा। बस्तर, सरगुजा और दंतेवाड़ा के मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये, आयुष्मान योजना हेतु 1,500 करोड़ रुपये, इंटर्न डॉक्टरों के छात्रावास निर्माण के लिए 35 करोड़ रुपये, एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट हेतु 10 करोड़ रुपये तथा मेकाहारा में एआई तकनीक के उपयोग के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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