छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश से जनजीवन प्रभावित, बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर में बाढ़ के हालात

छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में जारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। सुकमा जिले में शबरी नदी के उफान पर आने से सात गांव और कोंटा के पांच वार्ड जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के पानी के फैलाव को देखते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने प्रभावित क्षेत्रों में मोर्चा संभाला। जवानों ने मलगेर नदी पर बने पुल के दोनों सिरों पर रस्सियां बांधकर ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला। जिले के जलभराव वाले इलाकों से अब तक सौ से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बीजापुर जिले में कई बस्तियां टापू में तब्दील हो गई हैं और मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। जलभराव के कारण बीजापुर के कई विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया। उधर बस्तर जिले के जगदलपुर में खराब मौसम के चलते आठ दिनों तक विमान सेवाएं प्रभावित रहीं। धमतरी जिले के माडमसिल्ली बांध क्षेत्र और अन्य नदी-नालों में भी तेज जलप्रवाह देखा गया, जहां पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के बावजूद लोग आवागमन करते नजर आए। कवर्धा-बिलासपुर मार्ग पर भी नदी का पानी पुल के ऊपर पहुंच गया।
गरियाबंद जिले में मछली पकड़ने गए सात लोग महानदी के तेज बहाव में बह गए थे। इनमें से पांच लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, जबकि एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ और एक अन्य की तलाश जारी रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक 386.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसमें सर्वाधिक 995.66 मिलीमीटर वर्षा बीजापुर जिले में और सबसे कम 126.1 मिलीमीटर वर्षा बलरामपुर जिले में हुई है। विभाग ने आगामी दिनों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है।