नारायणपुर: कलेक्टर ने जनशिकायतों के त्वरित समाधान और आश्रम-छात्रावासों की सतत निगरानी के दिए निर्देश

नारायणपुर ज़िला मुख्यालय में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर नम्रता जैन ने ज़िला स्तरीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले सभी कार्यों को निर्धारित अवधि में अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों के अनुसार बैठक में सीएम हेल्पलाइन के साथ-साथ मुख्यमंत्री जनदर्शन और कलेक्टर जनदर्शन के ज़रिये दर्ज कराई गई शिकायतों की विभागवार स्थिति जाँची गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि नागरिकों से प्राप्त लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाए ताकि ज़रूरतमंद लोगों को समय पर राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को अपने महकमों से जुड़े लंबित प्रकरणों की निजी तौर पर निगरानी रखने को कहा।
बैठक में आश्रमों और छात्रावासों की आवासीय व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नियुक्त नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली सभी समस्याओं और कमियों से जुड़ा प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत करें। उन्होंने चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान जो भी अधीक्षक अपने कार्यस्थल से नदारद मिलेंगे, उनके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कदम उठाए जाएँगे। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ प्रदान करने के लिए नियमित तौर पर औचक जाँच करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
इसके अलावा मायका सेंटर की कार्यप्रणाली की पड़ताल करते हुए संस्थागत प्रसव की दर बढ़ाने और प्रसूताओं को समय पर हर प्रकार की चिकित्सकीय मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ज़िले में गतिमान अधोसंरचना विकास के तहत सड़क, पुलिया और शासकीय भवनों के निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण करने तथा सामग्री की गुणवत्ता की सतत निगरानी करने की हिदायत संबंधित निर्माण एजेंसियों को दी गई।