नियद नेल्लानार योजना: बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और योजनाओं के विस्तार की प्रशासनिक समीक्षा

छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित और दुर्गम इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान निर्देश दिए हैं कि योजना क्षेत्र के प्रत्येक गांव तक मूलभूत नागरिक सुविधाएं पहुंचाई जाएं। शासन के अनुसार नियद नेल्लानार 2.0 के माध्यम से सुदूर ग्रामीण अंचलों में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने का प्रारूप तय किया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार इन क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना के बाद संपर्क मार्ग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। जनसंपर्क विभाग के अनुसार योजना में शामिल गांवों की पात्र महिलाओं को महतारी वंदन योजना से भी जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक नागरिकों को आधार कार्ड, राशन कार्ड और बैंक पासबुक उपलब्ध कराने के लिए गांवों में नियमित शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित हो सके।
बीजापुर जिले के मुदवेंडी गांव में जिला मुख्यालय से करीब 35 से 40 किलोमीटर दूर स्थित 45 परिवारों की बस्ती में लंबे समय बाद बिजली पहुंचाई गई है और बंद पड़े स्कूल का संचालन फिर से शुरू कराया गया है। स्थानीय निवासी हुरा कुंजाम के अनुसार स्कूल खुलने और बिजली आने से बच्चों की पढ़ाई और रात के समय घरेलू कार्यों में सहूलियत हुई है। इसी तरह सात पारा-मोहल्लों में विस्तृत पालनार ग्राम पंचायत में नवीन पुलिस कैंप स्थापित होने के बाद मोबाइल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के कार्य किए गए हैं।
बिजली विभाग के अनुसार पालनार में दूर-दूर बसी बस्तियों के 300 घरों तक विद्युत आपूर्ति पहुंचाने के लिए 14 ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल जीवन मिशन के जरिए नलों तथा हैंडपंपों से पेयजल की व्यवस्था बनाई जा रही है। पालनार की निवासी सीता के अनुसार गांव में स्कूल बनने से बच्चों को पढ़ने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जनसंपर्क विभाग के अनुसार प्रशासन का प्रयास दुर्गम ग्रामों को मुख्यधारा की विकास प्रक्रियाओं और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से जोड़ना है।