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बालोद में कांग्रेस ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल, अभियानों के शासकीय खर्च का माँगा ब्योरा

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Iamg / Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

बालोद स्थित राजीव भवन में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित संयुक्त पत्रकारवार्ता में केंद्र एवं राज्य शासन की नीतियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया गया। विपक्षी दल के पदाधिकारियों ने बढ़ती महंगाई, रोजगार संकट और बदहाल आर्थिक स्थिति को लेकर शासन के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए।

कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित सेवा संकल्प दिवस कार्यक्रम पर सीधा हमला बोला। विपक्षी प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में इसे सेवा संकल्प दिवस के रूप में प्रचारित करने के बजाय बेरोजगारी और वादाखिलाफी दिवस के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों से जुड़े बुनियादी प्रश्नों के समाधान की जगह प्रतीकात्मक आयोजन किए जा रहे हैं।

पत्रकारवार्ता के दौरान विपक्षी दल के नेताओं ने ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के अंतर्गत हुए शासकीय व्यय पर भी गहरी आपत्ति दर्ज कराई। पार्टी प्रतिनिधियों ने शासन से इस पूरे आयोजन में खर्च की गई सार्वजनिक धनराशि का पूर्ण ब्योरा सार्वजनिक करने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि जनता के धन का उपयोग कहाँ और किस प्रकार किया गया, इसकी पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने आनी चाहिए।

राजीव भवन में हुई इस चर्चा में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के पूरे कार्यकाल को विफलताओं और अधूरे वादों से भरा हुआ करार दिया। उनका कहना है कि युवाओं को आजीविका उपलब्ध कराने और बाजार में अनियंत्रित होती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस नीतिगत कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आर्थिक विषमता और रोजगार से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों को आने वाले दिनों में व्यापक स्तर पर जनता के बीच ले जाया जाएगा।

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