शासन-प्रशासन

बिना ठोस योजना के शुरू हुए छह नए शासकीय कॉलेज, कई परिसरों में प्रवेश का संकट

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: abplive.com

जिले में पिछले सात वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने छह नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किए हैं। जमीनी कार्ययोजना और उचित स्थान चयन की अनदेखी के चलते इन संस्थानों में विद्यार्थियों का अपेक्षित रुझान नहीं दिख रहा है। प्रतिकूल भौगोलिक दशाओं और परस्पर नजदीकी के कारण नए संस्थानों में निर्धारित सीटें खाली पड़ी हैं। स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने कला, विज्ञान तथा वाणिज्य संकाय में स्वीकृत सीटों के विरुद्ध दाखिल विद्यार्थियों का विवरण मांगा है।

विभाग ने 1 जुलाई 2026 के संदर्भ में बारहवीं कक्षा के संकायवार स्थान, दर्ज संख्या तथा विगत पांच शिक्षण सत्रों के दौरान पोषक शालाओं में रहे छात्रों का ब्योरा मांगा है। समीक्षा में सामने आया है कि कई संस्थानों को पर्याप्त पोषक विद्यालय तक नहीं मिल पाए हैं। रामपुर और उमरेली में शुरू किए गए नए महाविद्यालयों के दायरे में दो से भी कम पोषक शालाएं आती हैं, जिससे वहां प्रवेश संख्या पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।

पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत जटगा स्थित महाविद्यालय में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। प्रारंभिक स्तर पर मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित गुरसिया में यह संस्थान प्रारंभ करने की मांग रखी गई थी। ऐसा होने पर माचाडोली, बांगो, चोटिया-कोरबी और पोड़ी उपरोड़ा के बारहवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए आवागमन सुलभ रहता। जनप्रतिनिधियों के दबाव में यह संस्थान जटगा में स्थापित हुआ, किंतु सात वर्ष बीत जाने पर भी इसे स्वयं का भवन नहीं मिल सका और विद्यार्थियों की संख्या पचास तक भी नहीं पहुंच पाई। जिस गांव में यह कॉलेज है, वहां के स्थानीय छात्र भी दाखिला लेने से बचते हैं।

शैक्षणिक संस्थानों की परस्पर दूरी कम होना भी प्रवेश घटने का बड़ा कारण है। मड़वारानी क्षेत्र के गवर्नमेंट मॉडल कॉलेज बंजारी से बरपाली के शासकीय महाविद्यालय की दूरी सिर्फ छह किलोमीटर है। पोषक शालाएं निकट होने से शिक्षार्थी बरपाली या भैसमा के कॉलेजों को प्राथमिकता देते हैं। वहीं मुख्य शहर के पीजी कॉलेज से मात्र दो किलोमीटर दूर संचालित नवीन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम कॉलेज पांच से अधिक पोषक विद्यालय होने पर भी दो सौ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पाया है, क्योंकि क्षेत्र में निजी और सरकारी दोनों विकल्प पहले से उपलब्ध हैं।

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