बिलासपुर में फर्जी बायोडाटा के जरिए विवाह कर धोखाधड़ी, पति और सास-ससुर पर केस दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित कोनी थाना क्षेत्र में झूठे बायोडाटा के आधार पर शादी रचाने और लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी युवक और उसके माता-पिता के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
पुलिस विवरण के अनुसार जशपुर की रहने वाली युवती वर्ष 2022 से बिलासपुर में रहकर गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही है। वहीं उसकी मुलाकात पूर्व सहपाठी हर्षदीप राम जाड़ी से हुई। मुलाकात के बाद मई 2024 में युवक ने विवाह का प्रस्ताव रखा। इसके उपरांत जनवरी 2025 में कैफे में हुई बैठक के दौरान युवक ने अपना बायोडाटा प्रस्तुत किया। बायोडाटा में युवक ने स्वयं को प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से बीटेक डिग्रीधारी और जयपुर की कंपनी में 48 लाख रुपये वार्षिक वेतन पर कार्यरत बताया था। साथ ही पारिवारिक व्यवसाय का वार्षिक टर्नओवर 88 लाख रुपये और 150 से 200 एकड़ जमीन होने का दावा भी किया था।
इन विवरणों पर विश्वास कर युवती के परिवार ने विवाह की सहमति दी। मार्च 2026 में बिलासपुर के एक होटल में शादी संपन्न हुई। आरोप है कि शादी के आयोजन से पहले और उस दौरान आरोपी युवक तथा उसकी मां के खातों में विभिन्न आवश्यकताओं के नाम पर लाखों रुपये हस्तांतरित कराए गए। शादी की रात कैटरिंग और टेंट संचालकों को पूर्ण भुगतान न होने पर विवाद उत्पन्न हुआ। अगले दिन होटल का बिल चुकता न होने पर वाहन रोके जाने के बाद सच्चाई सामने आई।
जांच में युवक के सभी दावे असत्य पाए गए। पीड़िता ने शुरुआत में जशपुर थाने में शून्य पर मामला दर्ज कराया था, जिसे बाद में अग्रिम कार्रवाई के लिए बिलासपुर स्थानांतरित किया गया। पुलिस पूरे प्रकरण में वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।