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बिलासपुर में सोते समय बालक को करैत ने डसा, सिम्स में उपचार के दौरान तोड़ा दम

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: bhaskar.com

बिलासपुर ज़िले के तोरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढेका के नयापारा में जहरीले करैत सांप के काटने से दस वर्षीय बालक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। परिजन बालक को गंभीर हालत में सिम्स अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहाँ चिकित्सकों के प्रयासों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृतक बालक की पहचान चंद्रकुमार चंद्राकर के दस वर्षीय पुत्र गौरव के रूप में हुई है।

प्राप्त विवरण के अनुसार गौरव सोमवार की रात भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने के लिए गया था। उसी दौरान बिस्तर में पहले से छिपे करैत सांप ने उसे काट लिया। सर्पदंश के बाद बालक घबरा गया और उसने रोते हुए अपनी माँ को पूरी बात बताई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन बिना किसी देरी के उसे उपचार के लिए सिम्स अस्पताल लेकर रवाना हुए।

अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया, परंतु विष के प्रभाव के कारण बालक ने दम तोड़ दिया। सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के अनुसार बीते दो महीनों के दौरान सर्पदंश से पीड़ित कुल 46 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इनमें से अधिकांश मरीजों की जान समय पर चिकित्सालय पहुँचने और त्वरित उपचार मिलने की वजह से बचाई जा सकी।

चिकित्सकों के अनुसार बारिश के मौसम में जलभराव के चलते सांप सुरक्षित तथा सूखी जगहों की तलाश में आवासीय परिसरों और कमरों के भीतर प्रवेश कर जाते हैं। इस मौसम में केवल खेतों या खुले स्थानों पर ही नहीं, बल्कि घरों के भीतर भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

सिम्स प्रबंधन ने लोगों को परामर्श दिया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, घरेलू नुस्खों अथवा घाव पर चीरा लगाने जैसी गतिविधियों में समय नष्ट न करें। पीड़ित व्यक्ति को शांत रखकर यथाशीघ्र अस्पताल पहुँचाना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। इसके अलावा सांप को पकड़ने या मारने के प्रयास से भी बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे समय और जोखिम दोनों बढ़ जाते हैं।

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