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बीजापुर में विकास कार्यों की समीक्षा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिए समय पर निर्माण पूरा करने के निर्देश

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: VishuN / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बीजापुर कलेक्टोरेट के इंद्रावती सभाकक्ष में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत, निर्माणाधीन और प्रस्तावित योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

जनसंपर्क विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, उप मुख्यमंत्री ने जिले में बुनियादी ढांचे से जुड़े निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि शासकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के समय पर न बनने से ग्रामीणों के आवागमन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसलिए जो कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं, उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर उन्हें अविलंब प्रारंभ कराया जाए। समीक्षा के दौरान कलेक्टर विश्वदीप ने बीजापुर बायपास सड़क परियोजना की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

सड़क और पुल निर्माण की प्रगति जांचते हुए उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि फुंडरी में निर्माणाधीन पुल का काम अंतिम चरण में है। इस पर उन्होंने शेष कार्य शीघ्र निपटाकर पुल को यातायात के लिए खोलने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बेदरे में उच्च स्तरीय पुल की नई निविदा प्रक्रिया पूरी होने और कार्य आदेश जारी किए जाने की पुष्टि की। इसके साथ ही बासागुड़ा में तालपेरु नदी पर बन रहे उच्च स्तरीय पुल और अन्य संरचनाओं की स्थिति भी परखी गई।

नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने अपेक्षित गति न मिलने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने राजस्व संग्रहण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पीएम स्वनिधि और प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पारदर्शी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने पर जोर दिया।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत हर घर जल योजना की समीक्षा में साव ने स्पष्ट किया कि पात्र परिवारों तक नियमित और शुद्ध पेयजल पहुंचाना ही योजना का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने अधूरी जलापूर्ति परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और ग्रामीण पेयजल आपूर्ति की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए। वहीं खेल विभाग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बने शांतिपूर्ण माहौल का लाभ उठाकर प्राथमिक शाला स्तर से खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।

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