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मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाना संविधान के लिए घातक: सुप्रीम कोर्ट

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: etvbharat.com

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस भुइयां ने मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की प्रक्रिया को पूरी तरह मनमाना करार दिया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को वोट के अधिकार से अलग कर दोयम दर्जे का नागरिक बनाना अनुचित है। अदालत के अनुसार, मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम बाहर करने की कार्रवाई को किसी भी दलील से सही नहीं ठहराया जा सकता। ऐसा कदम संविधान की मूल भावना के लिए बेहद घातक है।

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