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महतारी वंदन योजना: 67 हजार महिलाओं की किस्त रोकी गई, ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: ibc24.in

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 67 हजार महिलाओं की मासिक किस्त जुलाई माह से रोक दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कराई जा रही ई-केवाईसी जांच में दर्ज पते पर लाभार्थियों के न मिलने और बायोमेट्रिक मिलान विफल होने के बाद यह कदम उठाया गया। शासन ने इस अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अंतिम समय-सीमा 30 सितंबर तक बढ़ा दी है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार ई-केवाईसी सत्यापन के दौरान करीब 1.61 लाख नाम लाभार्थी सूची से अलग किए गए हैं। इनमें 1.33 लाख मृत महिलाएं शामिल हैं, जबकि 27,700 लोग जांच में अपात्र चिन्हित हुए। इसके अलावा 912 महिलाओं ने स्वेच्छा से सहायता राशि छोड़ दी है। जांच में 15 हजार ऐसे दोहरे आवेदन भी मिले जिन्हें निरस्त कर छह करोड़ रुपये की राशि समायोजित की गई। वहीं 12,700 सरकारी कर्मचारी और आयकरदाता पाए गए लोगों से अब तक चार करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। जांच में 35 ऐसे मामले भी सामने आए जहां जीवित महिलाओं को मृत मान लिया गया था और उनके स्थान पर समान नाम वाली मृत महिलाओं के खातों में राशि जा रही थी, जिसे अब सुधारा जा रहा है।

भुगतान रोकी गई महिलाओं में से 17 हजार के फिंगरप्रिंट और रेटिना का आधार से मिलान नहीं हो सका है, जिस पर विभाग ने शासन से मार्गदर्शन मांगा है। वहीं 50 हजार महिलाएं अपने पंजीकृत पते पर उपस्थित नहीं मिलीं। पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार वे अन्य जिलों अथवा राज्यों में चली गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि ये महिलाएं अपने मूल आवेदन वाले क्षेत्र में पहुंचकर सत्यापन करा लेंगी तो उनकी रुकी हुई राशि जारी कर दी जाएगी।

योजना के तहत कुल 68.6 लाख पंजीकृत महिलाओं में से अब तक 67.4 लाख हितग्राहियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 98 प्रतिशत है। शेष 1.17 लाख में से मृत और विस्थापित महिलाओं को छोड़कर केवल 40 हजार और महिलाओं के जुड़ने का अनुमान है। कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से यह सत्यापन जारी है।

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