महतारी वंदन योजना: मासिक वित्तीय सहायता से ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिल रहा सहारा

छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता से ग्रामीण अंचलों की महिलाएँ अपने छोटे व्यवसायों का विस्तार कर रही हैं। जनसंपर्क विभाग के अनुसार, जांजगीर-चांपा ज़िले के ग्राम खरखोद की निवासी मोनी साहू ने इस योजना से प्राप्त राशि का उपयोग अपनी कॉस्मेटिक और श्रृंगार सामग्री की दुकान को बढ़ाने में किया है। नियमित वित्तीय संबल मिलने से ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपनी पूँजी संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
योजना के नियमों के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खातों में दी जाती है। सीमित पूँजी की वजह से व्यवसाय आगे बढ़ाने में आ रही दिक्कतों के बीच मोनी साहू ने इस मासिक मदद को जोड़कर दुकान के लिए आवश्यक सामग्री जुटाई। दुकान में विविध सामान उपलब्ध होने से ग्राहकों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ, जिससे उनकी मासिक आमदनी बेहतर हुई है।
इसी तरह जांजगीर-चांपा ज़िले के ही बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत चांपा ग्रामीण क्षेत्र की शकुंतला महंत ने भी योजना की राशि को अपने मनिहारी स्टोर में लगाया। नए उत्पाद शामिल करने से उनकी दुकान की बिक्री बढ़ी और यह उनके परिवार के भरण-पोषण तथा बच्चों की पढ़ाई का मुख्य आधार बन गई। उधर बस्तर ज़िले के जगदलपुर विकासखंड स्थित ग्राम मांझीगुड़ा की चंदा ने इस सहायता राशि से बाँस और कच्चा माल खरीदकर गोंचा पर्व में प्रयुक्त होने वाली पारंपरिक तुपकी का निर्माण शुरू किया।
विभागीय आँकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 29 किस्तों के माध्यम से 18 हज़ार 805 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। राज्य शासन ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में इस योजना के निरंतर क्रियान्वयन के लिए 8,200 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के ज़रिये मिलने वाली यह छोटी पूँजी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी घरेलू आजीविका को सुदृढ़ करने का साधन बन रही है।