मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: बिलासपुर से 386 यात्रियों का समूह 21 सितंबर को निकलेगा

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत बिलासपुर ज़िले से 386 नागरिकों का समूह आगामी 21 सितंबर को यात्रा पर रवाना होगा। जनसंपर्क विभाग द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, शासन इस कार्यक्रम के ज़रिए नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ज़िला स्तर पर इस यात्रा से जुड़ी आवश्यक तैयारियाँ पूरी की जा रही हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, चयनित 386 यात्रियों की रवानगी के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यात्रा के प्रबंधन में विभिन्न संबंधित विभागों के मध्य समन्वय बनाया गया है।
इससे पहले बिलासपुर संभाग के विभिन्न ज़िलों से 850 तीर्थयात्रियों के एक दल को विशेष रेलगाड़ी से अयोध्या और वाराणसी भेजा गया था। यह दल श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अयोध्या में श्री रामलला और काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन हेतु रवाना हुआ था। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर जनप्रतिनिधियों ने इस रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर विदा किया था। उस दौरान बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, ज़िला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी तथा ज़िला पंचायत सभापति भारती नीरज माली मौजूद थे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के अनुसार, इस प्रकार की यात्राएँ नागरिकों को सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ती हैं। उन्होंने बताया कि शासन धार्मिक आस्थाओं का पूरा आदर कर रहा है। उस यात्रा के संचालन की ज़िम्मेदारी स्थानीय ज़िला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी ने संयुक्त रूप से निभाई थी।
विभागीय दावों के मुताबिक, श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से राज्य भर में अब तक 50 हज़ार से अधिक नागरिक प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो अपने व्यक्तिगत संसाधनों से लंबी धार्मिक यात्राएँ करने में सक्षम नहीं हैं। आगामी 21 सितंबर को प्रस्थान करने वाले 386 श्रद्धालुओं के नए दल की यात्रा व्यवस्था भी इसी क्रम में की जा रही है।