यीडा में 3195 करोड़ रुपये की विनिर्माण परियोजनाओं का भूमिपूजन, 10 हजार नौकरियों का दावा

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के कार्यक्षेत्र में 3195 करोड़ रुपये के कुल पूंजीगत निवेश वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। नई दिल्ली में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन, 2026 के मंच से इन विनिर्माण संयंत्रों का वर्चुअल भूमिपूजन किया गया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इन औद्योगिक इकाइयों के स्थापित होने से क्षेत्र में 10 हजार से अधिक रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
परियोजना विवरण के अनुसार, ट्रैक्टर और भारी निर्माण उपकरण बनाने वाली कंपनी एस्कार्ट्स कुबोटा लिमिटेड यीडा के सेक्टर-10 में अपना विनिर्माण संयंत्र लगा रही है। इस इकाई की स्थापना पर 2029 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जहां ट्रैक्टर और संबंधित मशीनरी के कलपुर्जों का उत्पादन होगा। प्रशासन के अनुसार, इस विशिष्ट संयंत्र से लगभग 3800 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष कार्यबल के अवसर उपलब्ध होंगे।
इसके साथ ही, मिंडा कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से यीडा क्षेत्र में दो अलग-अलग विनिर्माण परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इन दोनों इकाइयों में कंपनी कुल 1166 करोड़ रुपये की पूंजी लगाएगी। इस उपक्रम के जरिए तकरीबन 6440 नए रोजगार सृजित होने का आकलन किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन प्रमुख विनिर्माण संयंत्रों के सक्रिय होने से क्षेत्र के स्थानीय सहायक उद्यमों और आपूर्ति श्रृंखला तंत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य आर्थिक सुधारों के सहारे देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में सम्मिलित हुआ है। उन्होंने बताया कि विगत नौ वर्षों में राज्य के बजट, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने दोनों राष्ट्रों के बीच संबंधों को भगवान बुद्ध की करुणा और जीवन अनुशासन के साझे मूल्यों पर आधारित बताया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोनों देशों के जुड़ाव को दो संस्कृतियों और सभ्यताओं का संगम करार दिया। वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह सम्मेलन भारत और जापान के साथ उत्तर प्रदेश तथा यामानाशी प्रांत के आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने की महत्वपूर्ण पहल है।