मौसमरायगढ़

रायगढ़ में लगातार बारिश के बाद केलो बांध के चार फाटक खोले गए, प्रशासन सतर्क

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Mananjpatel1996 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ अंचल में बीते एक दिन से अधिक समय से जारी वर्षा के कारण केलो बांध में पानी की आवक बढ़ गई है। जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सोमवार रात जलाशय के चार फाटकों को खोल दिया गया। फाटकों से पानी छोड़े जाने के कारण केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिसे देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है।

क्षेत्र में रविवार रात्रि से शुरू हुई वर्षा का सिलसिला सोमवार को दिनभर बना रहा। इस दौरान धरमजयगढ़, कापू, छाल, तमनार तथा लैलूंगा इलाकों में व्यापक वर्षा दर्ज की गई, जिससे जलाशय में पानी की आवक तेज हुई। केलो परियोजना के कार्यपालन अभियंता एमके गुप्ता के अनुसार, जलाशय में लगातार बढ़ते जलभराव को ध्यान में रखते हुए चार फाटक खोले गए हैं। उन्होंने बताया कि इस समय बांध में लगभग 180 क्यूमेक पानी का भराव है, जबकि इसका अधिकतम जलभराव स्तर 233 मीटर तय है। तकनीकी अमले द्वारा जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है।

वर्षा और नदी के बढ़ते प्रवाह को देखते हुए नगर निगम आयुक्त ने समय-सीमा बैठक आयोजित कर आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े अमले को अपने प्रभार क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय रहने तथा पहले से चिह्नित जलभराव वाले स्थलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा गया है।

भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ज़िले में 18 अगस्त तक 758 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। चालू वर्ष में 1 जून से अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, तमनार तहसील में 1034.2 मिलीमीटर और कापू में 1022.8 मिलीमीटर पानी बरसा है। इसके अलावा छाल में 938.0 मिमी, रायगढ़ में 894.5 मिमी, पुसौर में 746.6 मिमी, खरसिया में 646.2 मिमी, लैलूंगा में 627.4 मिमी, घरघोड़ा में 592.5 मिमी, मुकडेगा में 572.9 मिमी तथा धरमजयगढ़ में 505.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

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