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रुपये में गिरावट रोकने के लिए आरबीआई ने उठाए कड़े कदम

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण भारतीय रुपये में ऐतिहासिक गिरावट आई है। इस साल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सात फीसदी से ज्यादा टूट चुका है और मई में यह 96.96 के निचले स्तर तक पहुंच गया था।
मुद्रा पर बढ़ते दबाव को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने नए उपाय लागू किए हैं। केंद्रीय बैंक तीन सरकारी तेल कंपनियों की दैनिक जरूरतों के लिए एक विशेष विंडो शुरू कर रहा है, जिससे वे हाजिर बाजार के बजाय सीधे डॉलर प्राप्त कर सकेंगी। इसके साथ ही हेजिंग से जुड़े नियमों को भी सख्त किया गया है।