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जांजगीर-चांपा में विकास कार्यों की समीक्षा, वित्त मंत्री ने निर्माण गुणवत्ता और जनसमस्याओं के समाधान पर दिए कड़े निर्देश

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Suyash Dwivedi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ के वित्त एवं जांजगीर-चांपा ज़िला प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने ज़िला स्तरीय प्रशासनिक अमले की उच्चस्तरीय बैठक में विकास परियोजनाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का जायज़ा लिया। जनसंपर्क विभाग तथा स्थानीय अधिकारियों से प्राप्त विवरण के अनुसार, प्रभारी मंत्री ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने और स्वीकृत प्रस्तावों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी मानकों की अनदेखी या कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने ज़िले में प्रगतिरत मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज तथा नालंदा परिसर के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तेजी लाने को कहा। उन्होंने तकनीकी अधिकारियों को मौके पर जाकर नियमित भौतिक सत्यापन करने और प्राथमिकता वाले नए विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, वर्षा ऋतु के दौरान बार-बार बाधित होने वाली बिजली आपूर्ति पर अप्रसन्नता जताते हुए वितरण प्रणाली दुरुस्त रखने और किसी भी प्रकार के तकनीकी फॉल्ट को तत्काल ठीक करने को कहा गया। बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों व गड्ढों की प्राथमिकता से मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया ताकि आमजन को असुविधा न हो।

जनकल्याणकारी योजनाओं के मूल्यांकन के दौरान महतारी वंदन योजना के शेष पात्र हितग्राहियों का ई-केवाईसी सत्यापन विशेष अभियान चलाकर पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को किस्तों का भुगतान समय पर जारी करने को कहा गया, जिससे निर्माण प्रक्रिया बाधित न हो। वहीं, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उच्च गुणवत्ता के सोलर पैनल लगाने और जन-जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया।

कृषि क्षेत्र की स्थिति परखते हुए प्रभारी मंत्री ने रासायनिक खाद और उन्नत बीजों के समुचित भंडारण तथा वितरण की समीक्षा की। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के प्रति जागरूक करने को कहा। इसके साथ ही खनिज अमले को अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए ई-ऑफिस प्रणाली, ई-अटेंडेंस और राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण पर ज़ोर दिया गया। आधिकारिक विवरण के अनुसार, समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय सांसद कमलेश जांगड़े, कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय सहित ज़िले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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