शिक्षक पात्रता और विशेष शिक्षक परीक्षाओं की उत्तर कुंजी समीक्षा प्रक्रिया पर एक नज़र

शिक्षक पात्रता और विशेष शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के मूल्यांकन को पारदर्शी बनाने के लिए परीक्षा निकायों द्वारा अनंतिम उत्तर कुंजियों पर आपत्तियाँ आमंत्रित करने की व्यवस्था तय की गई है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर दर्ज होने वाली आपत्तियों की विषय विशेषज्ञों से जाँच कराई जाती है। इसके बाद अंतिम उत्तर तालिका तैयार कर परीक्षा परिणाम घोषित किया जाता है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 की कंप्यूटर आधारित परीक्षा 28 अप्रैल 2026 को आयोजित की थी। इसके बाद एजेंसी ने अनंतिम उत्तर तालिका और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स सार्वजनिक किए। अभ्यर्थियों को 1 मई से 3 मई 2026 की रात 11:50 बजे तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा दी गई। प्रति प्रश्न 200 रुपये का शुल्क रखा गया, जो वापस नहीं होता है। यह भुगतान नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड तथा यूपीआई के माध्यम से स्वीकार किया गया। अभ्यर्थियों को पोर्टल पर लॉगिन करके प्रश्न आईडी चुनते हुए अपने दावों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज़ एकल पीडीएफ फाइल में जमा करने का निर्देश मिला। यदि किसी प्रश्न पर दर्ज दावा सही पाया जाता है, तो उसका संशोधन कर लाभ उस प्रश्न को हल करने वाले सभी परीक्षार्थियों को दिया जाता है। इस संबंध में अभ्यर्थियों की सहायता के लिए एजेंसी ने फोन नंबर 011-40759000 और ईमेल ntet@nta.ac.in जारी किया।
उधर, केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में सीबीएसई द्वारा प्रोविजनल उत्तर कुंजी के बाद आपत्तियाँ दर्ज करने के लिए प्रति प्रश्न 1,000 रुपये का शुल्क निर्धारित रहता है। इस परीक्षा में कक्षा 1 से 5 तक के लिए पेपर 1 और कक्षा 6 से 8 के अध्यापन हेतु पेपर 2 आयोजित किया जाता है। विशेषज्ञ समिति द्वारा आपत्तियों के निराकरण के दो से तीन सप्ताह के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने की व्यवस्था रहती है।
इसी क्रम में बिहार लोक सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या 42/2025 के तहत कक्षा 6 से 8 के विशेष विद्यालय शिक्षक पदों की लिखित प्रतियोगी परीक्षा की अनंतिम उत्तर कुंजी 24 फ़रवरी 2026 को जारी की थी। अभ्यर्थियों को 25 फ़रवरी से 3 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिया गया। आयोग के परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, भाषा एवं सामान्य अध्ययन, हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, गणित एवं विज्ञान, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों पर मिले दावों की जाँच केवल वैध साक्ष्यों के आधार पर की जाती है।