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सीजीपीएससी उप निरीक्षक परीक्षा परिणाम: अभ्यर्थियों के विशिष्ट नामों पर उपजे विवाद पर आयोग ने दी सफाई

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Jashapd1 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा उप निरीक्षक, सूबेदार और प्लाटून कमांडर के 341 पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक भर्ती परीक्षा के नतीजों पर शुरू हुए विवाद पर आयोग ने अपना पक्ष रखा है। 4 अगस्त 2026 को घोषित परिणाम में अभ्यर्थियों के कुछ अजीबोगरीब नामों को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब में आयोग ने कहा कि चयन सूची में वही नाम दर्ज किए गए हैं, जो उम्मीदवारों ने ऑनलाइन फॉर्म भरते समय दिए थे। यह परीक्षा 12 जुलाई 2026 को राज्य के सभी 33 ज़िलों में स्थित 183 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 7,301 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल हुए हैं।

विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर परिणाम सूची के कुछ स्क्रीनशॉट प्रसारित होने के बाद हुई। मेरिट सूची में क्रम संख्या 6074 (रोल नंबर 2402148213) के सामने ‘NEWS’, क्रमांक 467 (रोल नंबर 2402105174) के स्थान पर ‘SPACERANI’ तथा क्रम संख्या 93 (रोल नंबर 2402101319) पर ‘MANBAS’ अंकित पाया गया। इसके अलावा ‘हे राम’, ‘भक्त प्रह्लाद’ और ‘तुफैल’ जैसे नामों को लेकर भी इंटरनेट पर अभ्यर्थियों ने संशय जताया। हालांकि, रायगढ़ ज़िले के अभ्यर्थी न्यूज़ कुमार प्रधान ने एक वीडियो के माध्यम से स्पष्ट किया कि दसवीं कक्षा की अंकसूची में उनका उपनाम नहीं चढ़ पाया था, जिसके कारण बाद के सभी शैक्षणिक दस्तावेजों और पहचान पत्र में उनका नाम केवल ‘News’ ही रह गया। इसी प्रकार अन्य अभ्यर्थियों ने भी अपने-अपने दस्तावेजों के अनुसार नामों के सही होने की पुष्टि की है।

लोक सेवा आयोग ने जारी आधिकारिक वक्तव्य में सोशल मीडिया के दावों को पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन बताया है। आयोग के अनुसार अभ्यर्थियों ने दस्तावेज़ सत्यापन, शारीरिक नाप-जोख तथा प्रारंभिक परीक्षा के दौरान उन्हीं पहचान पत्रों और नामों का इस्तेमाल किया जो उनके प्रवेश पत्र पर अंकित थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि 24, 25 और 26 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित मुख्य परीक्षा के लिए सफल अभ्यर्थियों को नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।

दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को घेरा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया मंच एक्स के जरिए राज्य सरकार पर तंज कसा। वहीं प्रदेश कांग्रेस समिति के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर पारदर्शी परीक्षा का वादा करने वाली सरकार अब युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया में धांधली की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

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