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चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर जस्टिस दीपांकर दत्ता की अहम टिप्पणी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Shagil Kannur / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

निर्वाचन आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया से जुड़े 2023 के कानून पर सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता ने एक अहम बात कही। उन्होंने उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि यदि बल्लेबाजी करने वाली टीम को ही अंपायर चुनने का अधिकार मिल जाए, तो उसकी निष्पक्षता पर हमेशा संदेह बना रहेगा। वह चुनाव आयोग से संबंधित कानून से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रहे थे।

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