छत्तीसगढ़: कर्मचारियों ने दीपावली से पूर्व 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और एरियर देने की उठाई मांग
छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए दीपावली से पूर्व दो प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ता बकाया राशि के साथ देने की मांग तेज हो गई है। कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी को औपचारिक चिट्ठी भेजकर इस संबंध में तुरंत शासनादेश जारी करने का आग्रह किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पर्व से पहले सकारात्मक आदेश जारी नहीं हुआ, तो कर्मचारी मंत्रालय का घेराव करेंगे।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के अनुसार राज्य के लोकसेवकों को वर्तमान में 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। यह आंकड़ा केंद्र सरकार की स्वीकृत दर के मुकाबले दो फीसदी कम है। संगठन ने राज्य सरकार को सत्ता में आने से पूर्व किए गए वादों का स्मरण कराया है। फेडरेशन का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में शासकीय सेवकों को केंद्रीय दर के बराबर एरियर सहित लाभ प्रदान करने का वचन दिया था।
कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों को अपने घरों का मासिक बजट संभालने में गंभीर आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। इस वजह से देय दिनांक से ही दो प्रतिशत भत्ते का एरियर समेत भुगतान किया जाना अनिवार्य है। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि 6 सितंबर को आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पारित कर शासन तक अपनी बात पहुंचाने का फैसला लिया गया था।
संगठन ने शासन पर जोर दिया है कि वित्त विभाग शीघ्र वित्तीय सहमति प्रदान करे ताकि केंद्र और राज्य के भत्तों में बना अंतर दूर हो सके। फेडरेशन ने आगाह किया है कि कर्मचारियों के हितों की उपेक्षा होने पर राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।