कबीरधाम में कर्रानाला की पुलिया बहने से भोरमदेव मार्ग बंद, कांवड़िए परेशान; बारिश के आंकड़े जारी

कबीरधाम जिले के वनांचल में हुई भारी वर्षा के चलते बड़ौदा खुर्द के पास स्थित कर्रानाला में उफान आ गया। तेज बहाव के कारण सहसपुर लोहारा से सरोदा बांध होते हुए भोरमदेव जाने वाले रास्ते का रपटा और पुलिया बह गई। सड़क का मध्य भाग पूरी तरह टूट जाने से इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। सावन मास के कारण भोरमदेव धाम जाने वाले कई श्रद्धालु और कांवड़िए रास्ते में फंस गए, जिन्हें पानी के बीच से पैदल निकलना पड़ा।
सरोदा बांध के समीप ग्राम केसदा से बड़ौदा खुर्द को जोड़ने वाली यह सड़क आसपास की बस्तियों के लिए आवाजाही का मुख्य साधन है। ग्रामीणों के अनुसार कर्रानाला पर पक्के पुल के निर्माण हेतु वर्ष 2017-18 में 18 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। इसके बावजूद आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया जा सका। इस वजह से प्रत्येक बरसात में मार्ग बंद होने की समस्या पैदा होती है। स्थानीय निवासियों ने स्थल पर सुरक्षा प्रबंध करने और पक्का निर्माण शीघ्र आरंभ करने की मांग उठाई है।
जिले की भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार कबीरधाम में अब तक 453.8 मिमी की औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। विभिन्न तहसीलों में वर्षा की स्थिति अलग-अलग दर्ज हुई है। कुकदूर तहसील में सबसे ज्यादा 669.8 मिमी वर्षा हुई, जो उसके वार्षिक औसत का 66.19 फीसदी है और विगत दस वर्षों के औसत का 108.8 प्रतिशत बैठता है। पिपरिया में 661.2 मिमी (58.19 प्रतिशत) पानी गिरा है।
इसके अलावा कवर्धा में 442.8 मिमी (41.42 प्रतिशत), रेंगाखार कला में 420.0 मिमी (48.77 प्रतिशत), पंडरिया में 375.0 मिमी (48.24 प्रतिशत), बोड़ला में 373.0 मिमी (43.98 प्रतिशत), लोहारा में 370.2 मिमी (42.77 प्रतिशत) तथा कुंडा तहसील में 318.0 मिमी (40.39 प्रतिशत) वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर जनसंपर्क विभाग के अनुसार राज्य के प्रमुख बांधों में पानी की आवक बनी हुई है और संचित जल स्तर बीते दो वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।