छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के कार्यकाल पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया

छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के शीर्ष पद पर 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक संपन्न होने के उपरांत साय ने रायपुर के सिविल लाइंस स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कैबिनेट में लिए गए निर्णयों का ब्योरा दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पारित प्रस्ताव में नरेंद्र मोदी के गुजरात में 13 वर्षों के मुख्यमंत्री काल और केंद्र में प्रधानमंत्री के रूप में किए गए कार्यों को शामिल किया गया है। साय के अनुसार, कच्छ भूकंप के बाद पुनर्निर्माण और परिणामोन्मुखी सुशासन से वर्ष 2000 में गठित छत्तीसगढ़ राज्य ने भी कई अहम सबक सीखे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत विश्व की दसवीं अर्थव्यवस्था था, जो अब सुधरकर चौथे स्थान पर पहुँच चुका है। इसके साथ ही देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के तहत राज्य शासन ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार किया है।
साय के अनुसार, बस्तर सहित अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाइयों से राज्य नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, नल से जल, स्वच्छ ईंधन और राशन वितरण जैसी योजनाओं में केंद्र से मिले सहयोग का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने जी20 की अध्यक्षता, ब्रिक्स में सक्रियता और अफ़्रीकी संघ को जी20 में स्थायी सदस्यता दिलाने का उल्लेख करते हुए कहा कि 36 देशों द्वारा प्रधानमंत्री को सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना देश के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। प्रस्ताव में राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने और जीएसटी लागू करने का भी उल्लेख है।
मंत्रिमंडल ने प्रशासनिक सुधार से जुड़े दो अन्य अहम प्रस्तावों को भी मंज़ूरी दी। गृह विभाग में पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति के लिए आरक्षक संवर्ग में 36 पदों की स्वीकृति दी गई, जिसमें पूर्व निर्धारित 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण लागू होगा। इसके अलावा ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने हेतु कार्य आवंटन नियमों में संशोधन का निर्णय लिया गया।