छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन स्वीकृत, पाँच वर्षों में 500 करोड़ रुपये होंगे खर्च

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कौशल विकास, नवाचार और रोज़गार सृजन को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को हरी झंडी दे दी है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में 9 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस महत्त्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति दी गई। शासन के अनुसार इस मिशन पर आगामी पाँच वर्षों की अवधि में 500 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी।
जनसंपर्क विभाग और आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, ‘न्यू एज इंडस्ट्रियल प्रिपेयर्डनेस फॉर अपस्किलिंग न्यू जनरेशन यूथ’ यानी NIPUN मिशन का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को नौकरी चाहने वाले के बजाय उद्यम स्थापित करने में सक्षम बनाना है। इसके लिए प्रदेश के सभी 33 ज़िलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित होंगे। साथ ही तकनीकी अनुसंधान और प्रशिक्षण हेतु 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब तथा पाँच इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाएंगे। NIPUN जॉब इंजन के ज़रिए उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर युवाओं को संगठित रोज़गार से जोड़ा जाएगा।
मंत्रिपरिषद ने कौशल प्रशिक्षण को मज़बूत करने के उद्देश्य से नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) के निर्माण का रास्ता साफ किया है। इसके लिए केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि बिना किसी शुल्क के आवंटित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार लगभग 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस संस्थान में छात्रावास व शैक्षणिक भवन बनेंगे, जहाँ प्रतिवर्ष एक हज़ार छात्रों को दीर्घकालिक तथा तीन हज़ार युवाओं को अल्पकालिक तकनीकी पाठ्यक्रम सिखाए जाएंगे।
प्रशासनिक मोर्चे पर कैबिनेट ने शासकीय कर्मियों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के स्थायी, अस्थायी, संविदा कर्मियों, निगम-मंडलों व स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों तथा नगर सैनिकों के लिए अन्य सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गई है।
इसके अतिरिक्त बैठक में ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को भी स्वीकृति प्रदान की गई। अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना को सुदृढ़ कर कृषि तथा औद्योगिक उत्पादों का निर्यात बढ़ाना और स्थानीय उद्यमियों को ई-कॉमर्स व व्यापार मेलों के माध्यम से वैश्विक बाज़ारों से जोड़ना है।