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छत्तीसगढ़ को 3.65 लाख नए प्रधानमंत्री आवास की सौगात, सक्ती में बनेगा कृषि विज्ञान केंद्र

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Rajesh Tripathi / Wikimedia Commons (CC BY 3.0)

सक्ती जिले के जेठा गांव स्थित कॉलेज मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने करीब 2 लाख नवनिर्मित आवासों में हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया। इस दौरान लाभार्थियों को नए मकानों की चाबियां सौंपी गईं। केंद्रीय मंत्री ने राज्य को 3 लाख 65 हजार 159 अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी। चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से इन नए आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही सक्ती जिले में एक नया कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने का भी ऐलान किया गया।

केंद्रीय मंत्री ने बस्तर संभाग के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के सर्वेक्षण की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य में तेजी से काम चल रहा है और इस समय हर रोज 1,600 से अधिक मकान तैयार किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर मैचिंग ग्रांट न देने का आरोप लगाया और कहा कि राशि न मिलने के कारण गरीबों के मकान अटके रहे, जिसकी वजह से उस समय के विभागीय मंत्री टीएस सिंहदेव को पद छोड़ना पड़ा था।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सभी जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर देना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। शासन ने पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, बीते ढाई वर्षों में राज्य के भीतर 11.50 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, पिछले दो सालों के भीतर राज्य को 17 लाख से अधिक मकान दिए गए हैं। आवास पाने वाले परिवारों को उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, निःशुल्क राशन, शौचालय और जल जीवन मिशन जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने खेती में विविधता लाने की जरूरत बताते हुए कहा कि धान के साथ फल, सब्जी, फूल, बागवानी, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन और बकरी पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है।

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