रायपुर : छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: रानी दुर्गावती योजना की घोषणा, 18 वर्ष की आयु पर बालिकाओं को मिलेंगे 1.5 लाख रुपये

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में बजट पेश करते हुए बालिकाओं के कल्याण के लिए रानी दुर्गावती योजना शुरू करने का ऐलान किया। इस योजना के प्रावधानों के अनुसार, राज्य की बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर 1.5 लाख रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।
वित्त मंत्री के अनुसार, यह बजट समावेशी विकास, अधोसंरचना विस्तार और निवेश प्रोत्साहन पर केंद्रित है। कुल निर्धारित व्यय में सामाजिक क्षेत्र के लिए 40 प्रतिशत, आर्थिक गतिविधियों के लिए 36 प्रतिशत और प्रशासनिक सेवाओं के लिए 24 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है। बजट का मुख्य आधार ‘संकल्प’ सूत्र को बनाया गया है, जिसमें समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, आजीविका और नीति से परिणाम तक के लक्ष्य शामिल हैं।
महिला सशक्तीकरण के तहत अचल संपत्ति के क्रय पर पंजीयन शुल्क में महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया गया है। बस्तर संभाग के विकास के लिए इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज निर्माण हेतु 2,024 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा बस्तर क्षेत्र के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में ‘एजुकेशन सिटी’ निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के विस्तार के तहत कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। निवेश और रोज़गार संवर्धन के उद्देश्य से 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ‘बस्तर फाइटर्स’ इकाई में 1,500 नए पदों के सृजन की घोषणा की गई है।
खेल और संस्कृति को प्रोत्साहन देने के लिए बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में संचार नेटवर्क विस्तार के लिए ‘बस्तर नेट’ परियोजना को 5 करोड़ रुपये और सरगुजा के मैनपाट में पर्यटन विकास हेतु 5 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जगदलपुर और अंबिकापुर में विमान सेवाओं के विस्तार का प्रस्ताव भी बजट में शामिल है।