छत्तीसगढ़: बस्तर में नक्सल समर्पण, डीआरजी जवानों की शहादत और हीरा खनन को हरी झंडी
बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के परिणाम एक साथ दो धरातलों पर सामने आए हैं — समर्पण की बढ़ती संख्या और सुरक्षाबलों की कीमत, दोनों। केंद्र के वामपंथी उग्रवाद उन्मूलन मिशन की पूर्व संध्या पर सात नक्सलियों ने बस्तर में आत्मसमर्पण किया। इससे पहले 108 नक्सलियों का सामूहिक समर्पण हो चुका है, जिन पर सम्मिलित रूप से 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'Naxal-free Bastar' लक्ष्य प्राप्त होने की बात कहते हुए इसका श्रेय सुरक्षाबलों के समन्वित अभियान को दिया है।
इसी दौरान खनन निरोधक अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट में तीन डीआरजी कर्मी शहीद हो गए और एक अन्य घायल हुआ। यह घटना बस्तर में अभियान की जारी चुनौतियों को रेखांकित करती है।
आर्थिक मोर्चे पर राज्य सरकार ने हीरा खनन की दिशा में ठोस कदम उठाया है — उन्नत ड्रिलिंग को आधिकारिक स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने Ease of Doing Business Bill 2026 को भी मंज़ूरी दी है, जिसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करना और रोज़गार के अवसर बढ़ाना बताया गया है।
राज्य सरकार ने महिलाओं को संपत्ति पंजीकरण में 50 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की है। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं की संपत्ति स्वामित्व में भागीदारी बढ़ेगी।
कोरिया ज़िले में रेत खनन विवाद एक गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है — भाजपा के एक स्थानीय नेता की जलकर मौत हो गई। इस मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और जाँच जारी है।
दुर्ग में सिलेंडर विस्फोट से लगी आग में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।
राज्य विधानसभा में विपक्ष ने राम मंदिर दान चोरी के मुद्दे पर हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों का कहना है कि जनता की आस्था के साथ धोखा हुआ है।
इस प्रकार छत्तीसगढ़ इस समय नक्सल अभियान, खनिज विकास और कानून-व्यवस्था — तीनों मोर्चों पर एक साथ निर्णायक घटनाक्रमों का साक्षी बन रहा है।